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जोधपुर में भीषण आग केमिकल फैक्ट्री में हादसा

हादसे का विवरण और आग की विभीषिका राजस्थान के जोधपुर जिले स्थित एक औद्योगिक क्षेत्र में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक प्रसिद्ध केमिकल फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई

कल्ट करंट डेस्क
कल्ट करंट डेस्क
24 Sep 2026
Solar farm during sunset

हादसे का विवरण और आग की विभीषिका

राजस्थान के जोधपुर जिले स्थित एक औद्योगिक क्षेत्र में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक प्रसिद्ध केमिकल फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी फैक्ट्री को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भयंकर थी कि उसकी लपटें कई किलोमीटर दूर से देखी जा सकती थीं और आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया। इस दर्दनाक हादसे में फैक्ट्री में काम कर रहे कई कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया।

धमाके और अग्निशमन कार्य की चुनौतियां

केमिकल फैक्ट्री होने के कारण अंदर रखे केमिकल के ड्रमों में एक के बाद एक कई जोरदार धमाके हुए, जिससे आसपास के इलाके में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही जोधपुर नगर निगम और पुलिस प्रशासन की 15 से अधिक दमकल की गाड़ियां (Fire Tenders) मौके पर पहुंचीं। ज्वलनशील रसायनों के कारण पानी से आग पर काबू पाना बेहद मुश्किल साबित हो रहा था, जिसके बाद दमकलकर्मियों ने फोम (Chemical Foam) का इस्तेमाल करके कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर आंशिक रूप से काबू पाया।

राहत एवं बचाव कार्य तथा घायलों का इलाज

आग लगते ही स्थानीय लोगों, पुलिस और एनडीआरएफ/एसडीआरएफ की टीमों ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया। आग में झुलसे कर्मचारियों को तुरंत ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जोधपुर के मथुरादास मथुरा (MDM) अस्पताल के बर्न वार्ड में ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, कुछ कर्मचारियों की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें आईसीयू में निगरानी में रखा गया है। मुख्यमंत्री और स्थानीय प्रशासन ने घायलों को सर्वोत्तम संभव चिकित्सा उपचार मुफ़्त में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

हादसे के संभावित कारण और जांच के आदेश

प्राथमिक जांच में आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट या केमिकल रिसाव (Chemical Leakage) के दौरान उत्पन्न हुई चिंगारी को माना जा रहा है। हालांकि, जिला कलेक्टर और पुलिस प्रशासन ने हादसे की गहन जांच के लिए एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन कर दिया है। यह समिति इस बात की जांच करेगी कि क्या फैक्ट्री में अग्निशमन सुरक्षा मानकों (Fire Safety Norms) का पूरी तरह से पालन किया जा रहा था या नहीं, और क्या फैक्ट्री प्रबंधन के पास वैध एनओसी (NOC) मौजूद थी।

औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर सवाल और निवारक कदम

इस भीषण हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा उपायों और एनओसी नियमों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों ने रिहायशी इलाकों के पास बनी ऐसी खतरनाक केमिकल फैक्ट्रियों को बाहर स्थानांतरित करने की मांग की है। राज्य सरकार ने घटना से सबक लेते हुए प्रदेश की सभी केमिकल और औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा ऑडिट (Safety Audit) कराने के सख्त निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में इस तरह की जानलेवा घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।