खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) और स्थानीय पुलिस के संयुक्त अभियान में नकली और अमानक दवाओं का निर्माण करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। यह गिरोह विशेष रूप से बच्चों के उपयोग में आने वाले स्वास्थ्य उत्पादों, सिरप और स्नैक्स की एक्सपायरी डेट बदलकर बाजार में बेचता था। छापेमारी के दौरान गोदाम से करोड़ों रुपये की नकली और एक्सपायरी सामग्री जब्त की गई है।
गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने शहर के बाहरी इलाके में स्थित एक बड़े गोदाम पर छापा मारा। वहां बड़े पैमाने पर काम चल रहा था, जहां पुरानी दवाओं और खाद्य पदार्थों के रैपर बदलकर उन पर नई मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट छापी जा रही थी। यह सामग्री न केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक थी, बल्कि बच्चों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रही थी।
जांच अधिकारियों को मौके से प्रिंटिंग मशीनें, नकली रैपर्स, रसायनों की बोतलें और बड़ी मात्रा में एक्सपायर्ड प्रॉडक्ट्स मिले। गिरोह के सदस्य पुरानी, फेंकी गई या सस्ती दवाओं को खरीदकर उन्हें महंगे ब्रांडेड डिब्बों में पैक करते थे। फिर इन्हें सप्लाई चेन के माध्यम से विभिन्न राज्यों के छोटे मेडिकल स्टोरों और बाजारों में पहुंचाया जाता था।
पुलिस ने मौके से गिरोह के मुख्य सरगना सहित 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह पिछले कई महीनों से सक्रिय था और कई राज्यों में अपना नेटवर्क फैला चुका था।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि एक्सपायर्ड और नकली दवाएं बच्चों के लिए घातक सिद्ध हो सकती हैं। प्रशासन ने उन सभी मेडिकल स्टोरों की जांच शुरू कर दी है, जहां इस गिरोह ने माल सप्लाई किया था। जनता से भी अपील की गई है कि वे कोई भी दवा या शिशु आहार खरीदते समय उसकी पैकिंग और होलोग्राम की अच्छी तरह जांच कर लें।