मुंबई के स्वाद पर लगा अस्वच्छता का ताला: प्रसिद्ध 'अय्यूब्स' रेस्टोरेंट सील, FDA की सख्त कार्रवाई
अजय पोद्दार अनमोल
| 27 Aug 2026 |
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मुंबई का 'माहिम' और 'काला घोड़ा' इलाका केवल अपनी ऐतिहासिक धरोहरों के लिए ही नहीं, बल्कि रात के वक्त सजने वाले लजीज स्ट्रीट फूड के लिए भी पूरी दुनिया में जाना जाता है। इन्हीं में से एक नाम है 'अय्यूब्स' (Ayub's), जो दशकों से मुंबईकरों और दूर-दराज से आने वाले सैलानियों के लिए कबाब और काठी रोल का पर्यायवाची बना हुआ था। देर रात तक उठने वाली इसके कबाबों की खुशबू और बाहर लगती लोगों की लंबी कतारें इसकी लोकप्रियता की गवाही देती थीं। हालांकि, हाल ही में खाद्य और औषधि प्रशासन (FDA) द्वारा की गई एक आकस्मिक छापेमारी ने इस मशहूर जायके के पीछे छुपे एक बदसूरत सच को उजागर कर दिया है, जिससे खाद्य प्रेमियों का भरोसा चकनाचूर हो गया है। FDA की विशेष जांच टीम ने जब 'अय्यूब्स' के किचन यानी रसोई घर में कदम रखा, तो वहां का नजारा बेहद चौंकाने वाला था। जिस जगह पर हजारों लोगों के लिए खाना तैयार किया जाता था, वहां अस्वच्छता और गंदगी का साम्राज्य व्याप्त था। अधिकारियों को निरीक्षण के दौरान कीड़े-मकौड़े, एक्सपायर्ड (समय सीमा समाप्त) सामग्री का इस्तेमाल, और दूषित पानी में बर्तन धोए जाने जैसी गंभीर कमियां मिलीं। खाद्य सुरक्षा के बुनियादी मानकों की धज्जियां उड़ाते हुए पकाने और स्टोर करने वाले बर्तन भी बेहद गंदे पाए गए। स्वच्छता के इस स्तरहीन और खतरनाक रवैये को देखते हुए प्रशासन ने बिना किसी ढील के तुरंत कार्रवाई की और रेस्टोरेंट का लाइसेंस निलंबित कर उसे सील कर दिया। मुंबई में स्ट्रीट फूड और प्रतिष्ठित रेस्टोरेंट्स को लेकर लोगों का एक भावनात्मक जुड़ाव रहता है, लेकिन सुरक्षा और सेहत के मानकों पर इस तरह का समझौता किसी बड़े खतरे से कम नहीं है। FDA के अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती, चाहे वह कितना भी बड़ा और मशहूर ब्रांड क्यों न हो। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI) के कड़े नियमों के तहत की गई इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल एक रेस्टोरेंट को सजा देना नहीं, बल्कि शहर के अन्य सभी खाद्य व्यवसायियों के लिए एक सख्त और स्पष्ट संदेश भेजना है कि लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी। इस घटना की खबर फैलते ही सोशल मीडिया पर मुंबईकरों की तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। जहां एक तरफ लोग अपने पसंदीदा रेस्टोरेंट के सील होने पर निराशा व्यक्त कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ FDA की इस त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की जमकर सराहना भी हो रही है। लंबे समय से 'अय्यूब्स' का स्वाद चखने वाले नियमित ग्राहकों में अब अपनी सेहत को लेकर एक अनजाना डर और नाराजगी साफ देखी जा सकती है। यह घटना दर्शाती है कि केवल नाम, शोहरत और बेहतरीन स्वाद ही किसी रेस्टोरेंट की सफलता की गारंटी नहीं हो सकते; ग्राहकों की सेहत और सफाई के प्रति जवाबदेही सबसे प्राथमिक होनी चाहिए। 'अय्यूब्स' पर हुई यह सीलिंग कार्रवाई पूरे मुंबई के रेस्टोरेंट उद्योग के लिए एक बड़ी चेतावनी और सबक है। यह मामला साबित करता है कि कोई भी ब्रांड कानून और जन-स्वास्थ्य से ऊपर नहीं है। अब यदि इस मशहूर आउटलेट को दोबारा अपनी सेवाएं शुरू करनी हैं, तो उसे अपनी पूरी व्यवस्था को बदलकर स्वच्छ बनाना होगा और FDA के कड़े मानकों पर खरा उतरना होगा। फिलहाल, इस कार्रवाई ने शहर के अन्य रेस्टोरेंट मालिकों को भी अपनी रसोई में स्वच्छता बनाए रखने और खाद्य सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करने के लिए मजबूर कर दिया है, ताकि स्वाद का सफर किसी की सेहत पर भारी न पड़े