अयोध्या में निर्मित भव्य श्री राम जन्मभूमि मंदिर के व्यवस्थित संचालन, सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ के सुचारू प्रबंधन के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर परिसर के लिए पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त करने का प्रशासनिक निर्णय लिया है।
यह नया पद किसी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी (IAS) या अनुभवी कॉर्पोरेट प्रशासक को सौंपा जा सकता है। CEO का मुख्य काम मंदिर की दैनिक व्यवस्थाओं, वित्तीय प्रबंधन, आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रतिदिन आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधाओं की निगरानी करना होगा।
प्रशासनिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो अयोध्या अब केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि एक वैश्विक पर्यटन और सांस्कृतिक केंद्र बन चुका है। ऐसे में पारंपरिक ट्रस्टी व्यवस्था के साथ-साथ आधुनिक कॉर्पोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) मॉडल को अपनाना मंदिर के सुचारू संचालन के लिए बेहद जरूरी हो गया था।
इस फैसले से अयोध्या के स्थानीय बुनियादी ढांचे और पर्यटन अर्थव्यवस्था को भी नया आयाम मिलेगा। बेहतर भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) और विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होने से न केवल देश बल्कि विदेशों से आने वाले पर्यटकों का अनुभव भी सुखद और सुरक्षित बनेगा।
यह कदम दर्शाता है कि भारत के बड़े धार्मिक संस्थानों में अब आधुनिक प्रबंधन शैलियों को शामिल किया जा रहा है। राम मंदिर प्रशासन द्वारा CEO की नियुक्ति का यह मॉडल भविष्य में देश के अन्य प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के लिए भी एक मानक (Benchmark) स्थापित करेगा।