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AI ने कराया टाइम ट्रेवल! AI पर बढ़ी भीड़, सर्वर से लेकर मीडिया तक 80 की धूम

कुल मिलाकर 80s AI ट्रेंड ने सोशल मीडिया पर नॉस्टैल्जिया को एक नया डिजिटल रूप दे दिया है। बॉलीवुड और टीवी सितारे इस ट्रेंड के जरिए खुद को उस दौर की फैशन और फिल्मी दुनिया में कल्पना कर रहे हैं।

कल्ट करंट डेस्क
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11 Sep 2026
Solar farm during sunset

इन दिनों Instagram पर 1980s Retro Photo Trend काफी तेजी से वायरल हो रहा है। इस ट्रेंड में लोग अपनी आज की फोटो को AI की मदद से ऐसा लुक दे रहे हैं, जैसे वह तस्वीर 1980 के दशक में किसी कैमरे से खींची गई हो। खास बात यह है कि इसमें सिर्फ फोटो पर कोई पुराना या Vintage Filter नहीं लगाया जाता। ChatGPT की मदद से फोटो के कपड़े, हेयरस्टाइल, बैकग्राउंड, लाइटिंग, कैमरा इफेक्ट और यहां तक कि फिल्म की दानेदार टेक्सचर भी बदली जा सकती है। यही वजह है कि AI से तैयार की गई ये तस्वीरें देखने में काफी हद तक पुराने फोटो एलबम की तस्वीरों जैसी लगती हैं।

सोशल मीडिया पर इन दिनों आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का एक नया ट्रेंड तेजी से लोगों का ध्यान खींच रहा है। इस ट्रेंड के जरिए मौजूदा दौर के लोगों की तस्वीरों को 1980 के दशक के अंदाज में बदला जा रहा है। रेट्रो फैशन, पुराने जमाने के हेयरस्टाइल, रंग-बिरंगे आउटफिट और उस दौर की खास बॉलीवुड वाइब के साथ तैयार की गई ये तस्वीरें इंटरनेट पर खूब वायरल हो रही हैं। आम यूजर्स के साथ अब बॉलीवुड और टेलीविजन के सितारे भी इस ट्रेंड का हिस्सा बन रहे हैं।

तस्वीर को ज्यादा असली 80 के दशक का रूप देने के लिए पुरानी फिल्म जैसी दानेदार बनावट, गर्म रंग, कैमरे की सीधी चमक, 35 मिमी कैमरे से खींची तस्वीर जैसा प्रभाव और हल्की रोशनी की असमानता जैसी बातें भी प्रॉम्प्ट में शामिल की जा सकती हैं। इससे तस्वीर केवल साधारण पुराना प्रभाव लगाने के बजाय वास्तविक पुरानी तस्वीर जैसी दिखाई दे सकती है।

लोगों के लिए यह काम भले ही कुछ सेकंड का है, लेकिन फोटो बनाने के पीछे AI सिस्टम को काफी काम करना पड़ता है जब एक साथ बहुत सारे लोग ऐसी तस्वीरें बनाने लगते हैं, तो AI को ज्यादा फोटो बनाने की रिक्वेस्ट मिलती हैं. इन्हें पूरा करने के लिए डेटा सेंटर में लगे जीपीयू और सर्वर को ज्यादा काम करना पड़ता है,इससे बिजली का इस्तेमाल होता है,सर्वर गर्म भी होते हैं।

AI से 80s वाली फोटो बनाना सिर्फ किसी फोटो पर फिल्टर लगाने जैसा नहीं है. AI आपकी फोटो और दिए गए प्रॉम्प्ट को समझकर एक नई इमेज तैयार करता है. इसके लिए AI सर्वर पर कई तरह की कैलकुलेशन होती हैं.एक रिसर्च में अलग-अलग AI इमेज-जनरेशन मॉडल की एनर्जी यूज को देखा गया. इसमें एक AI इमेज बनाने में औसतन करीब 2.9 Wh बिजली लगने का अनुमान मिला. हालांकि हर AI मॉडल में यह जरूरत अलग हो सकती है.