राजस्थान में मानसून की विदाई से ठीक पहले मौसम के तेवर एक बार फिर बेहद तल्ख हो गए हैं। मौसम केंद्र जयपुर ने राज्य के पूर्वी और मध्यवर्ती हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना व्यक्त करते हुए 29 जिलों में 'येलो अलर्ट' जारी किया है। जयपुर, कोटा, उदयपुर और अजमेर संभागों में सुबह से ही बादलों की आवाजाही और रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी है।
राज्य में बने इस नए वेदर सिस्टम के कारण चंबल, बनास और कालीसिंध जैसी प्रमुख नदियों के जलस्तर में तेज़ी से वृद्धि दर्ज की जा रही है। कोटा बैराज और राणा प्रताप सागर बांध के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी आवक को देखते हुए बांधों के कैचमेंट एरिया में सतर्कता बढ़ा दी गई है और निचले इलाकों में बसे गांवों में चेतावनी जारी की गई है।
शहरी इलाकों में अचानक हुई इस भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। जयपुर और कोटा जैसे प्रमुख शहरों की निचली बस्तियों और सड़कों पर पानी भर जाने से यातायात बुरी तरह बाधित हुआ है। स्थानीय निकायों और नगर निगम की टीमों को पंपिंग सेटों के माध्यम से जल निकासी के काम में जुटाया गया है।
दूसरी ओर, इस बारिश का एक सकारात्मक पहलू यह है कि राज्य के प्रमुख पेयजल और सिंचाई बांधों में जल भंडारण क्षमता अपने उच्चतम स्तर के करीब पहुँच गई है। इससे आने वाले रबी सीजन के लिए किसानों को पर्याप्त सिंचाई जल और शहरों को पीने का पानी उपलब्ध कराने में आसानी होगी।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों तक राजस्थान के इन जिलों में बादलों की गरज और बिजली चमकने के साथ मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। प्रशासन ने नदी-नालों और रपटों (Causeways) के पास जाने से लोगों को सख्त हिदायत दी है।