नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन में भारतीय टेक-स्टार्टअप्स द्वारा विकसित 'AI मैटर्नल-फीटल मॉनिटरिंग' (AI Maternal-Foetal Monitoring) डिवाइस को वैश्विक मंच पर अत्यधिक सराहना मिली है। यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित पोर्टेबल स्वास्थ्य उपकरण गर्भावस्था के दौरान माँ और भ्रूण के स्वास्थ्य की रियल-टाइम निगरानी करने में सक्षम है।
इस स्वदेशी तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह जटिल और महंगे अस्पताल सेटअप के बिना भी, सुदूर ग्रामीण इलाकों में एएनएम (ANM) और आशा कार्यकर्ताओं द्वारा आसानी से संचालित की जा सकती है। यह एआई सिस्टम भ्रूण की हृदय गति और माँ के महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेतों (Vital Signs) का विश्लेषण कर किसी भी जोखिम का पूर्वाभास समय रहते दे देता है।
ब्रिक्स देशों—विशेषकर अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका महाद्वीप के प्रतिनिधिमंडलों—ने इस तकनीक में गहरी रुचि दिखाई है। इन देशों में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की चुनौतियाँ भारत जैसी ही हैं, इसलिए कम लागत वाली यह 'मेक इन इंडिया' डिवाइस मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने में गेम-चेंजर साबित हो सकती है।
भारतीय स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में टेक का यह समावेश यह साबित करता है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस केवल डेटा या एल्गोरिदम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन बचाने और जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य विषमता को दूर करने का एक मानवीय साधन भी बन सकता है।
संक्षेप में, भारतीय एआई-मेडिकल डिवाइस का ब्रिक्स जैसे मंच पर सराहा जाना यह दर्शाता है कि भारत अब किफायती, सुलभ और विश्वस्तरीय हेल्थ-टेक इनोवेशन का वैश्विक अगुआ बन चुका है।