चीन का एक उन्नत निगरानी और टोही उपग्रह 'याओगान 50-02' (Yaogan 50-02) पृथ्वी की निचली कक्षा में अचानक क्षतिग्रस्त होकर नष्ट हो गया। अमेरिकी अंतरिक्ष बल (U.S. Space Force) ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि उपग्रह के टूटने से अंतरिक्ष में कम से कम 43 बड़े टुकड़े (Space Debris) बिखर गए हैं।
वैज्ञानिक विशेषज्ञों और खगोलविदों का अनुमान है कि उपग्रह में यह विस्फोट उसकी बैटरी में गड़बड़ी या किसी छोटे अंतरिक्ष कचरे (Space Junk) की सीधी टक्कर के कारण हुआ होगा। यह उपग्रह पृथ्वी से लगभग 590 मील (950 किमी) की ऊंचाई पर एक असामान्य कक्षा में चक्कर लगा रहा था।
विस्फोट से पैदा हुए यह 43 टुकड़े सदियों या हजारों सालों तक पृथ्वी की कक्षा में मंडराते रहेंगे, जिससे अन्य चालू वैज्ञानिक और संचार उपग्रहों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए भी गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि अंतरिक्ष में बढ़ता यह कचरा 'केसलर सिंड्रोम' (Kessler Syndrome) जैसी स्थिति पैदा कर सकता है, जहां एक टकराव कई अन्य टकरावों की शृंखला शुरू कर देता है, जिससे निचली कक्षा में अंतरिक्ष अभियानों का संचालन बेहद खतरनाक हो जाता है।
चीन ने अभी तक अपने इस सैन्य/निगरानी उपग्रह के टूटने के कारणों पर कोई आधिकारिक तकनीकी रिपोर्ट साझा नहीं की है। हालांकि, अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी और अन्य अंतरराष्ट्रीय निकाय इस मलबे के हर टुकड़े पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं ताकि भविष्य के सैटेलाइट लॉन्च को सुरक्षित रखा जा सके।