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यमन के हूती विद्रोहियों का सऊदी अरब के सैन्य ठिकानों पर बड़ा हमला

लाल सागर और मध्य पूर्व के इलाकों में बढ़ते तनाव के बीच यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के दक्षिणी सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थित सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं।

कल्ट करंट डेस्क
कल्ट करंट डेस्क
19 Sep 2026
Solar farm during sunset

लाल सागर और मध्य पूर्व के इलाकों में बढ़ते तनाव के बीच यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के दक्षिणी सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थित सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं। हूती सैन्य प्रवक्ता द्वारा जारी बयान के अनुसार, उन्होंने सऊदी अरब के अभा और जाज़ान क्षेत्रों में स्थित हवाई अड्डों और सैन्य कैंपों को निशाना बनाकर कई बैलिस्टिक मिसाइलें और आत्मघाती ड्रोन दागे। हूती समूह ने दावा किया है कि उनके हमलों ने तय ठिकानों को सटीकता से निशाना बनाया।

सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि उनकी वायु रक्षा प्रणालियों (Air Defense Systems) ने अधिकांश मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में ही सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया। हालांकि, मलबे के गिरने से कुछ सैन्य बुनियादी ढांचों को आंशिक नुकसान पहुंचा है और दो सुरक्षाकर्मी मामूली रूप से घायल हुए हैं। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने हूती विद्रोहियों के इस कृत्य को नागरिक क्षेत्रों की सुरक्षा पर सीधा खतरा बताते हुए कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

इस ताजा हमले ने यमन और सऊदी अरब के बीच लंबे समय से जारी संघर्ष विराम और शांति वार्ता प्रयासों को बड़ा झटका दिया है। संयुक्त राष्ट्र (UN) के विशेष दूत ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है ताकि क्षेत्रीय स्थिरता को फिर से बहाल किया जा सके। विश्लेषकों का मानना है कि मध्य पूर्व में जारी व्यापक भू-राजनीतिक तनाव के कारण हूती विद्रोही अपनी उपस्थिति दर्ज कराने और सऊदी अरब पर दबाव बनाने के लिए ऐसे हमलों को अंजाम दे रहे हैं।

हमले के बाद सऊदी अरब ने अपनी सीमावर्ती सुरक्षा को और अधिक कड़ा कर दिया है तथा यमन से सटे इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। अमेरिका और यूरोपीय संघ समेत कई अंतरराष्ट्रीय शक्तियों ने हूती विद्रोहियों के इस हमले की निंदा की है और इसे क्षेत्रीय शांति के लिए विनाशकारी बताया है। वैश्विक बाज़ारों में इस घटना के तुरंत बाद कच्चे तेल की कीमतों में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

यमन में जारी यह संघर्ष न केवल सैन्य दृष्टिकोण से चिंताजनक है, बल्कि इससे दुनिया के सबसे गंभीर मानवीय संकटों में से एक और गहराता जा रहा है। बार-बार होने वाले हमलों और जवाबी कार्रवाइयों से आम नागरिकों की परेशानी बढ़ रही है, जिससे मानवाधिकार संगठनों ने तुरंत युद्धविराम लागू करने और मानवीय सहायता पहुंच मार्ग खोलने की मांग की है।