देश के सबसे बहुचर्चित और वीभत्स मामलों में से एक, निठारी कांड के मुख्य आरोपियों में शामिल सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में फांसी लगाकर आत्महत्या करने की खबर ने पूरे देश को चौंका दिया है। अदालत द्वारा साक्ष्यों के अभाव में बरी किए जाने के बाद से ही सुरेंद्र कोली हरिद्वार के एक इलाके में एकांत जीवन व्यतीत कर रहा था। स्थानीय पुलिस को उसके निवास स्थान से शव मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और तुरंत फॉरेंसिक टीमों को मौके पर बुलाकर जांच शुरू कर दी गई।
शुरुआती पुलिस जांच के अनुसार, यह मामला प्रथम दृष्टया आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस सभी संभावित पहलुओं और परिस्थितियों की बारीकी से जांच कर रही है। घटनास्थल से किसी प्रकार का सुसाइड नोट मिला है या नहीं, इस बारे में अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों और समय का स्पष्ट रूप से पता चल सकेगा।
उल्लेखनीय है कि नोएडा के चर्चित निठारी कांड ने पूरे देश की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया था। बच्चों की गुमशुदगी, हत्या और अमानवीय अपराधों से जुड़े इस मामले में सुरेंद्र कोली और उसके मालिक मनिंदर सिंह पंढेर को मुख्य आरोपी बनाया गया था। निचली अदालतों द्वारा दी गई सजाओं और कई सालों तक चली लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद, हाल के वर्षों में साक्ष्यों की कमी और जांच की कमियों के आधार पर उच्च न्यायालय ने कोली को कई मामलों में बरी कर दिया था।
सुरेंद्र कोली की मौत की खबर के बाद निठारी कांड के पीड़ितों के परिजनों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। पीड़ितों के परिवारों ने इस घटना पर दुख और असंतोष जताते हुए कहा कि उन्हें इतने सालों बाद भी पूर्ण न्याय नहीं मिल सका। कानूनी प्रक्रिया की जटिलताओं और जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली को लेकर पीड़ितों के मन में उठ रहे सवाल आज भी अनुत्तरित हैं, और इस घटना ने उन पुराने जख्मों को एक बार फिर ताजा कर दिया है।
सुरेंद्र कोली की मौत के साथ ही भारतीय आपराधिक इतिहास के एक सबसे काले अध्याय के मुख्य पात्र का अंत हो गया है। पुलिस फिलहाल हरिद्वार में उसके अंतिम दिनों के संपर्कों, गतिविधियों और मानसिक स्थिति की पड़ताल कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर देश की आपराधिक न्याय प्रणाली, जांच प्रक्रियाओं की गुणवत्ता और पीड़ित परिवारों को समय पर न्याय मिलने की पूरी प्रक्रिया पर विचार करने के लिए मजबूर कर दिया है।