नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बीच फंसे भारतीय पर्यटकों को निकालने के लिए कूटनीतिक और मैदानी स्तर पर तेजी से प्रयास किए गए। भारत सरकार के त्वरित हस्तक्षेप के बाद 149 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित नेपाल से निकाल कर स्वदेश वापस लाया जा चुका है। फंसे हुए यात्रियों के परिजनों के लिए यह एक बड़ी राहत की खबर बनकर सामने आई है।
भारत के विदेश मंत्रालय और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने मिलकर एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया है, जो लगातार प्रभावित भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों से संपर्क बनाए हुए है। नेपाल में फंसे कई भारतीय पर्यटक छुट्टियां बिताने और धार्मिक यात्राओं के लिए वहां गए हुए थे, जो अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण अलग-अलग इलाकों में अटक गए।
सुरक्षित वापस लौटे पर्यटकों ने वहां के डरावने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि कैसे सड़कें और नेटवर्क ठप होने से वे बुनियादी सुविधाओं से महरूम हो गए थे। भारतीय वायुसेना और स्थानीय रेस्क्यू टीमों की त्वरित प्रतिक्रिया की बदौलत ही वे इस प्राकृतिक आपदा के बीच से सही-सलामत निकलने में सफल हो सके।
इस बीच, नेपाल सरकार ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद की औपचारिक अपील की है। नेपाल के गृह मंत्रालय का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर आई आपदा से निपटने के लिए आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों, दवाओं और लॉजिस्टिक सपोर्ट की तत्काल आवश्यकता है।
भारत सरकार ने नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता और राहत सामग्री भेजने की प्रतिबद्धता जताई है। आने वाले दिनों में और भी फंसे हुए नागरिकों को निकालने के लिए विशेष रेस्क्यू फ्लाइट्स और जमीनी रास्तों का उपयोग किया जा रहा है ताकि अंतिम फंसे हुए नागरिक तक मदद पहुंच सके।