नेपाल में पिछले कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने तबाही मचा दी है। नदियों के जलस्तर में अचानक हुई भारी वृद्धि के कारण देश के कई हिस्से जलमग्न हो गए हैं। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और मैदानी क्षेत्रों में बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई प्रमुख राजमार्ग और संपर्क मार्ग पूरी तरह कट चुके हैं, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना कठिन हो गया है।
बाढ़ और जलभराव के बीच एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की टनल में पानी भर जाने से दर्जनों श्रमिक फंस गए। टनल में पानी और गाद भर जाने के कारण मजदूरों का संपर्क बाहर की दुनिया से टूट गया। सूचना मिलते ही नेपाल सेना और सशस्त्र प्रहरी बल के गोताखोरों ने बचाव अभियान शुरू किया। हालांकि, लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के कारण बचाव कार्य में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इस आपदा की घड़ी में भारत सरकार ने मानवीय सहायता का हाथ बढ़ाया है। भारत की ओर से तुरंत राहत सामग्री और विशेष बचाव दल (NDRF) नेपाल भेजे गए हैं। राहत सामग्री में भोजन, दवाएं, तिरपाल और शुद्ध पेयजल शामिल हैं। भारतीय वायुसेना के विमानों का उपयोग दुर्गम क्षेत्रों में सामग्री गिराने और फंसे लोगों को निकालने के लिए किया जा रहा है। दोनों देश मिलकर बचाव कार्य का संचालन कर रहे हैं।
नेपाल सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में आपातकाल जैसी स्थिति घोषित कर दी है। हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों और अस्थायी राहत शिविरों में स्थानांतरित किया गया है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी रखी है, जिससे स्थिति और विकराल होने की आशंका जताई जा रही है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
प्रकृति के इस प्रकोप से कृषि और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। नेपाल के विभिन्न हिस्सों से दुखद खबरें सामने आ रही हैं। भारत द्वारा भेजी गई त्वरित सहायता की नेपाल प्रशासन ने सराहना की है। फिलहाल, प्राथमिकता टनल में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने और प्रभावित आबादी को त्वरित राहत प्रदान करने की है।
नेपाल में आई इस भीषण आपदा के बीच भारत ने राहत और बचाव कार्यों के लिए 10 टन मानवीय सहायता भेजी है। इस राहत सामग्री का इस्तेमाल बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित लोगों की मदद के लिए किया जाएगा। नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने राहत सामग्री औपचारिक रूप से नेपाल के संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्री खड़क राज पौडेल को सौंपी।
भारत ने इस मुश्किल घड़ी में नेपाल को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत इस कठिन समय में नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा कि भारत राहत और बचाव कार्यों में नेपाल की हरसंभव मदद करने के लिए तैयार है।