उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद भारी हंगामा हुआ। परिजनों ने ससुराल पक्ष पर दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। पुलिस की ओर से त्वरित कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने महिला के शव को मुख्य हाईवे पर रखकर यातायात पूरी तरह बाधित कर दिया।
हाईवे जाम होने के कारण सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने परिजनों को समझा-बुझाकर जाम हटाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी तुरंत गिरफ्तारी और वरिष्ठ अधिकारियों को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। इस दौरान भीड़ और पुलिस के बीच तीखी बहस हो गई।
स्थिति तब और बिगड़ गई जब भीड़ में मौजूद कुछ उपद्रवियों ने पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए पथराव से मौके पर भगदड़ मच गई। उपद्रवियों के हमले में दो पुलिस इंस्पेक्टर गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनके सिर में गंभीर चोटें आईं। घायल अधिकारियों को तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
घटना के बाद भारी संख्या में पुलिस बल और पीएसी की तैनाती की गई। वरिष्ठ अधिकारियों ने कमान संभाली और आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को तितर-बितर किया। इसके बाद हाईवे पर यातायात बहाल कराया गया। पुलिस ने पथराव करने वाले उपद्रवियों के खिलाफ बलवा करने, सरकारी काम में बाधा डालने और जानलेवा हमला करने की धाराओं में मामला दर्ज किया है।
महिला की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है और ससुराल पक्ष के मुख्य आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। वहीं, हाईवे पर हिंसा और पथराव करने वाले उपद्रवियों की पहचान सीसीटीवी फुटेज के जरिए की जा रही है। क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है।