Cult Current
अर्थ संसार

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में टैंकर पर मिसाइल स्ट्राइक: क्रूड $110 पार, भारत में बड़ा अलर्ट!

फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ने वाले दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल गलियारे 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' में एक विशालकाय पश्चिमी क्रूड टैंकर पर संदिग्ध एंटी-शिप मिसाइल से हमला हुआ है। मिसाइल लगते ही टैंकर में भीषण आग लग गई और स्ट्रेट में तेल का रिसाव शुरू हो गया।

कल्ट करंट डेस्क
कल्ट करंट डेस्क
01 Oct 2026
Solar farm during sunset

फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ने वाले दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल गलियारे 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' में एक विशालकाय पश्चिमी क्रूड टैंकर पर संदिग्ध एंटी-शिप मिसाइल से हमला हुआ है। मिसाइल लगते ही टैंकर में भीषण आग लग गई और स्ट्रेट में तेल का रिसाव शुरू हो गया। इस हमले के बाद हॉर्मुज से गुजरने वाले दर्जनों जहाजों ने अपना रास्ता रोक दिया है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति नेटवर्क में रातों-रात खलबली मच गई है।

हमले के तुरंत बाद अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में हड़कंप मच गया और कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतें पलक झपकते ही 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गईं। अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े (US 5th Fleet) ने इस इलाके में गश्त बढ़ा दी है और चेतावनी जारी की है कि यदि वाणिज्यिक जहाजों पर हमले नहीं रुके, तो खाड़ी क्षेत्र में सीधी सैन्य कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्रीय शक्तियों के बीच जारी इस गतिरोध से पूरे मध्य पूर्व में महायुद्ध का खतरा मंडराने लगा है।  

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया का वह संकरा समुद्री मार्ग है, जहां से वैश्विक तेल खपत का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा हर दिन गुजरता है। स्वेज नहर या अन्य मार्गों के विपरीत, इस गलियारे का कोई आसान वैकल्पिक बायपास नहीं है। बीमा कंपनियों ने इस क्षेत्र से गुजरने वाले सभी जहाजों का वॉर-रिस्क प्रीमियम कई गुना बढ़ा दिया है, जिससे आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह पंगु होने के कगार पर पहुंच गई है।

भारतीय परिपेक्ष्य में, यह हमला भारत की आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा पर एक सीधा प्रहार है। भारत अपनी जरूरत का 80 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल मध्य पूर्व के खाड़ी देशों (सौदी अरब, यूएई, इराक) से इसी हॉर्मुज मार्ग के जरिए आयात करता है। यदि यह जलडमरूमध्य लंबे समय तक बाधित रहता है, तो भारत में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी के दामों में भारी बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे महंगाई का नया चक्र शुरू होने का खतरा है।

भारत के विदेश और रक्षा मंत्रालय ने इस स्थिति की समीक्षा के लिए तुरंत उच्च स्तरीय आपातकालीन बैठक बुलाई है। भारतीय नौसेना ने अरब सागर और ओमान की खाड़ी में तैनात अपने युद्धपोतों को व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए 'ऑपरेशन संकल्प' के तहत और अधिक मुस्तैद कर दिया है। इसके साथ ही, भारत अपने राष्ट्रीय आपातकालीन तेल भंडार (Strategic Petroleum Reserves) के इस्तेमाल और रूस व अफ्रीकी देशों से अतिरिक्त तेल आयात करने के विकल्पों पर विचार कर रहा है।

संक्षेप में, हॉर्मुज संकट ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को एक बड़े आर्थिक सदमे के मुहाने पर खड़ा कर दिया है। तेल की कीमतों में आई यह आग यदि जल्द नहीं बुझी, तो भारत समेत दुनिया भर के विकासशील देशों में मंदी की आशंका गहरी हो जाएगी। भारत को अपनी ऊर्जा कूटनीति के बल पर जल्द से जल्द वैकल्पिक आपूर्ति सुनिश्चित करनी होगी, ताकि देश की विकास दर पर इस भू-राजनीतिक भूचाल का असर न पड़े।

#HormuzEnergyCrisis #CrudeOilShock #MiddleEastTension #GlobalEconomy #IndiaEnergySecurity #OilPriceHike #GeopoliticsNow #ArabianSeaAlert