प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दक्षिण भारत में मादक पदार्थों (Drugs) की तस्करी और उससे जुड़े अंतरराष्ट्रीय मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और आक्रामक कार्रवाई करते हुए चार प्रमुख दक्षिणी राज्यों—तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश—में 30 से अधिक ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की है। इस कार्रवाई ने नशीले पदार्थों के काले कारोबार से जुड़े बड़े सिंडिकेट, हवाला कारोबारियों और राजनेताओं व बड़े व्यवसायियों के कथित गठजोड़ की नींव हिलाकर रख दी है।
यह छापेमारी स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (NCB) और राज्य पुलिस द्वारा दर्ज की गई कई प्राथमिकियों (FIRs) के आधार पर शुरू की गई वित्तीय जाँच का हिस्सा थी। ED को पुख्ता जानकारी मिली थी कि समुद्र के रास्तों से दक्षिण भारत में पहुँचाए जाने वाले मादक पदार्थों की बिक्री से अर्जित अरबों रुपये के काले धन को रियल एस्टेट, फिल्मों, होटल व्यवसाय और मुखौटा कंपनियों (Shell Companies) के ज़रिए सफेद किया जा रहा था। इस धन का एक बड़ा हिस्सा हवाला के ज़रिए विदेशों में भेजने के सबूत भी मिले हैं।
छापेमारी के दौरान ED की टीमों ने भारी मात्रा में बेनामी नकदी, सोने के आभूषण, लग्जरी गाड़ियाँ, डिजिटल दस्तावेज, और विदेशी लेन-देन से जुड़े कड़े सबूत जब्त किए हैं। सूत्रों के अनुसार, इस पूरे सिंडिकेट के तार कुछ अंतरराष्ट्रीय ड्रग कार्टेल और मध्य पूर्व के हवाला संचालकों से जुड़े हुए हैं। एजेंसी कई संदेहास्पद बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट्स को पहले ही फ्रीज कर चुकी है, जिनके ज़रिए ड्रग्स की खरीद-बिक्री के लिए पैसे का लेन-देन किया जाता था।
दक्षिण भारत के तटीय क्षेत्र लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करों के निशाने पर रहे हैं, जहाँ से ड्रग्स को देश के भीतर और विदेशों में सप्लाई किया जाता है। ED की इस बहु-राज्यीय कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य केवल तस्करों को पकड़ना नहीं है, बल्कि उस पूरे वित्तीय ढांचे (Financial Infrastructure) को ध्वस्त करना है जिसके बल पर यह काला साम्राज्य फल-फूल रहा था। वित्तीय स्रोतों को सुखाकर ही ऐसे नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जा सकता है।
यह कार्रवाई यह स्पष्ट संदेश देती है कि केंद्रीय जांच एजेंसियाँ मादक पदार्थों की तस्करी और देश की आंतरिक सुरक्षा को नुकसान पहुँचाने वाले वित्तीय अपराधों के खिलाफ 'ज़ीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रही हैं। आने वाले दिनों में इस छापेमारी के आधार पर कई बड़े और प्रभावशाली लोगों की गिरफ्तारियाँ संभव हैं। ED की इस स्ट्राइक से दक्षिण भारत में सक्रिय ड्रग माफिया और उनके मददगारों में भारी हड़कंप मचा हुआ है।