Cult Current
राजनीति

किम जोंग का 'हाइपरसोनिक' धमाका: सियोल-टोक्यो में रेड अलर्ट!

उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने एक बार फिर पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। प्योंगयांग ने आधिकारिक रूप से अपनी सबसे एडवांस 'हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल' के सफल परीक्षण का दावा किया है।

कल्ट करंट डेस्क
कल्ट करंट डेस्क
30 Sep 2026
Solar farm during sunset

उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने एक बार फिर पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। प्योंगयांग ने आधिकारिक रूप से अपनी सबसे एडवांस 'हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल' के सफल परीक्षण का दावा किया है। उत्तर कोरिया के इस परीक्षण के बाद दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल और जापान के तटीय इलाकों में आपातकालीन अलर्ट सायरन बज उठे। इस मिसाइल ने ध्वनि से आठ गुना तेज गति से उड़ते हुए कोरियाई प्रायद्वीप के पूर्वी समुद्र में अपने सटीक लक्ष्य को तबाह कर दिया।

किम जोंग उन ने इस सफल परीक्षण के बाद एक आक्रामक बयान जारी करते हुए कहा कि उनकी यह नई मिसाइल प्रणाली अमेरिका के किसी भी मिसाइल डिफेंस सिस्टम को पलक झपकते ही ध्वस्त करने में सक्षम है। जापानी खुफिया एजेंसियों ने पुष्टि की है कि यह मिसाइल बेहद कम ऊंचाई पर अपनी दिशा बदलने में सक्षम थी, जिससे इसे रडार पर ट्रैक कर पाना लगभग असंभव हो गया था। इस परीक्षण के तुरंत बाद दक्षिण कोरियाई सरकार ने अपनी सेना को 'हाइपर-रेस्पॉन्स मोड' पर डाल दिया है।  

इस मिसाइल परीक्षण का समय बेहद संवेदनशील है, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति और चीनी नेतृत्व के बीच महत्वपूर्ण व्यापारिक वार्ताएं होने वाली हैं। विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर कोरिया ने यह परीक्षण चीन और रूस की शह पर किया है ताकि अमेरिका पर अपनी एशिया-प्रशांत नीतियों को बदलने का कूटनीतिक दबाव बनाया जा सके। रूस और उत्तर कोरिया के बीच बढ़ते सैन्य और तकनीकी सहयोग का ही नतीजा है कि प्योंगयांग की मिसाइल तकनीक इतनी घातक रूप से परिपक्व हो चुकी है।  

भारतीय परिप्रेक्ष्य में उत्तर कोरिया का यह आक्रामक मिसाइल कार्यक्रम एक गंभीर रणनीतिक चिंता का विषय है। उत्तर कोरिया का मिसाइल और परमाणु तकनीक के गुप्त हस्तांतरण में एक पुराना इतिहास रहा है, जिसका अतीत में पाकिस्तान को सीधा फायदा मिला था। उत्तर कोरिया द्वारा हासिल की जा रही कोई भी नई हाइपरसोनिक तकनीक अप्रत्यक्ष रूप से भारत के पड़ोस में पहुंचकर भारत की सुरक्षा व्यवस्था के लिए खतरा बन सकती है।

भारत ने इस परीक्षण की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कोरियाई प्रायद्वीप में शांति और स्थिरता बनाए रखने की वकालत की है। भारत के जापान और दक्षिण कोरिया दोनों के साथ प्रगाढ़ रणनीतिक और आर्थिक संबंध हैं। भारत अपनी स्वयं की 'हाइपरसोनिक तकनीक' और 'अग्नि-5' जैसी मिसाइलों के परीक्षणों को तेजी से पूरा कर रहा है ताकि किसी भी तरह के भावी मिसाइल खतरे का मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके।

अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर उत्तर कोरिया का यह नया दुस्साहस यह स्पष्ट करता है कि एशिया-प्रशांत में बारूद का ढेर कभी भी सुलग सकता है। भारत को अपने पूर्वी सहयोगियों के साथ मिलकर इंडो-पैसिफिक की सुरक्षा और खुफिया जानकारी साझा करने के तंत्र को और अधिक मजबूत करना होगा ताकि इस तरह के अनियंत्रित मिसाइल कार्यक्रमों का सही समय पर मुकाबला किया जा सके।

#NorthKoreaTest #KimJongUn #HypersonicMissile #EastAsiaCrisis #IndoPacific #IndiaDefense #Geopolitics2026 #GlobalSecurity