हिंद महासागर का समुद्री घोंघा हो सकता है विलुप्त
जलज वर्मा
| 15 Oct 2020 |
103
यह पपड़ीदार घोंघा हिंद महासागर की तलहटी पर मेडागास्कर के पास तीन जगह पाया जाता है. आईयूसीएन की अपडेटेड रेड लिस्ट में इसे शामिल किया गया है. हिंद महासागर में तीन जगह मिलने वाली घोंघे की यह दुर्लभ प्रजाति पहली समुद्री प्रजाति है जिसे आधिकारिक रूप से डीप सी माइनिंग (समुद्री खनन) के कारण खतरे में घोषित किया गया है. यह प्रजाति हिंद महासागर में स्थित मेडागास्कर के पूर्व में तीन हाइड्रोथर्मल वेंट्स (जलतापीय छिद्र) में पाई जाती है. 18 जुलाई 2019 को आईयूसीएन के विलुप्तप्राय प्रजातियों की अपडेटेड रेड लिस्ट में इस प्रजाति को शामिल किया गया था. हाइड्रोथर्मल वेंट्स समुद्रतल पर वे छिद्र होते हैं जिससे गर्म पानी निकलता है. ये गर्म पानी समुद्र के ठंडे पानी से मिलता है, नतीजतन समुद्र के तल पर कॉपर और मैगनीज जैसे खनिज जम जाते हैं.
अतीत में ऐसे खनिज को समुद्र से निकालना मुश्किल और खर्चीला काम रहा है. लेकिन अब तकनीकी मदद से यह आसान हो गया है. नेचर जर्नल के मुताबिक, जिन स्थानों पर घोंघा पाया जाता है, वहां भविष्य में मूल्यवान खनिजों को निकाला जा सकता है. नेचर की रिपोर्ट बताती है कि रिसर्चरों ने घोंघे को रेड लिस्ट में इस आधार पर शामिल किया है कि यह समुद्र तल पर केवल तीन स्थानों पर पाया जाता है और इस पर डीप सी माइनिंग का खतरा मंडरा रहा है. रिपोर्ट में विशेषज्ञों के हवाले से बताया गया है कि डीप सी माइनिंग का केवल एक प्रयास इन घोंघों को विलुप्त कर सकता है क्योंकि इससे समुद्र के छिद्रों को नुकसान पहुंच सकता है.
इस वक्त समुद्र में खनन की गतिविधियों पर दुनियाभर में रोक है. संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी अंतरराष्ट्रीय सीबेड अथॉरिटी वर्तमान में इस संबंध में दिशानिर्देश बना रही है. ये दिशानिर्देश इस साल बनकर तैयार हो सकते हैं. विशेषज्ञ उम्मीद जताते हैं कि रेड लिस्ट में शामिल हुआ घोंघा शायद खनन कंपनियों को हतोत्साहित कर दे. कम से कम 14 अन्य प्रजातियां भी हाइड्रोथर्मल वेंट्स के पारिस्थितिक तंत्र में पाई जाती हैं. संभव है कि अगली रेड लिस्ट में ये प्रजातियां भी शामिल हो जाएं.
To contribute an article to CULT CURRENT or enquire about us, please write to cultcurrent@gmail.com . If you want to comment on an article, please post your comment on the relevant story page.
All content © Cult Current, unless otherwise noted or attributed. CULT CURRENT is published by the URJAS MEDIA VENTURE, this is registered under UDHYOG AADHAR-UDYAM-WB-14-0119166 (Govt. of India)