वैज्ञानिकों ने खोजे गेहूं में रोग प्रतिरोधी जीन्स

श्रीराजेश

 |  02 Jan 2020 |   36
Culttoday

भारतीय वैज्ञानिकों ने गेहूं के ऐसे नमूनों की पहचान की है जिनमें पत्तियों में होने वाले रतुआ रोग से लड़ने की आनुवांशिक क्षमता पाई जाती है. इन नमूनों में पाए जाने वाले कुछ जीन्स नई रतुआ प्रतिरोधी किस्मों के विकास में मददगार हो सकते हैं.

एक अध्ययन में गेहूं के जर्म प्लाज्म भंडार के 6,319 नमूनों में से 190 नमूने देश के 10 अलग-अलग गेहूं उत्पादक क्षेत्रों से चुने गए हैं. आनुवांशिक अध्ययनों के आधार इन नमूनों में एपीआर जीन्स की पहचान की गई है और फिर उनकी प्रतिरोधक क्षमता और स्थिरता का मूल्यांकन किया गया है.

2 से 3 संयुक्त एपीआर जीन्स वाले 49 नमूने शोधकर्ताओं को मिले. विभिन्न स्थानों पर मूल्यांकन करने पर इनमें से 8 नमूने रोग प्रतिरोधी टिकाऊ प्रजातियों के विकास के लिए अनुकूल पाए गए जबकि 52 नमूनों में एपीआर जीन्स नहीं पाए जाने के बावजूद उनमें उच्च प्रतिरोधी स्तर देखा गया है. इनमें से 73 प्रतिशत नमूनों में 1 या अधिक एपीआर जीन्स मौजूद थे.

गेहूं में रतुआ जैसे फफूंदजनित रोग से जुड़े सुरक्षा तंत्र के पीछे एक या अधिक एपीआर जीन्स की भूमिका हो सकती है. एपीआर जीन्स का प्रतिरोधी प्रभाव आमतौर पर वयस्क पौधों में देखने को मिलता है. रतुआ प्रतिरोधी जीन्स के लक्षण, पत्तियों में रतुआ रोग के प्रभाव और एपीआर की सर्वाधिक प्रतिक्रिया ठंडे स्थानों से प्राप्त नमूनों में अधिक देखी गई है. यह अध्ययन शोध पत्रिका 'प्लॉस वन' में प्रकाशित किया गया है.


RECENT NEWS

बचपन पर प्रदूषण की काली छाया
योगेश कुमार गोयल |  06 Nov 2020  |  650
कोरोना वायरस और ICU
कल्ट करंट डेस्क |  24 Apr 2020  |  413
सुंदरवन में घट रहा मैंग्रोव का जंगल!
कल्ट करंट डेस्क |  05 Jan 2020  |  181
To contribute an article to CULT CURRENT or enquire about us, please write to cultcurrent@gmail.com . If you want to comment on an article, please post your comment on the relevant story page.
All content © Cult Current, unless otherwise noted or attributed. CULT CURRENT is published by the URJAS MEDIA VENTURE, this is registered under UDHYOG AADHAR-UDYAM-WB-14-0119166 (Govt. of India)