दिल्ली के तालीमाबाद, संगम विहार स्थित हमदर्द पब्लिक स्कूल में सड़क सुरक्षा और नागरिक जिम्मेदारी को लेकर राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत एक प्रभावी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस सड़क सुरक्षा का इस वर्ष का थीम – सड़क सुरक्षा, जीवन रक्षा है। इन उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए अर्थ रिवाइटल फाउंडेशन की ओर से क्रैशफ्री इंडिया के सहयोग से संचालित इस पहल के अंतर्गत कक्षा पांचवीं से आठवीं तक के लगभग 1200 विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के महत्व और सुरक्षित व्यवहार के प्रति जागरूक किया गया। स्कूल की प्रिंसिपल सहर एम ए सैयद ने न केवल ऐसी पहल का स्वागत किया है बल्कि उन्होंने स्कूली छात्रों के लिए सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता को आज की सबसे बड़ी जरुरत बताया।
अर्थ रिवाइटल फाउंडेशन की प्रमुख अर्चना भांगा ने बताया कि वैश्विक स्तर पर सक्रिय ग्लोबल अलाएंस ऑफ एनजीओज फॉर रोड सेफ्टी संयुक्त राष्ट्र सड़क सुरक्षा सहयोग पहल के अंतर्गत कार्य करता है और 100 से अधिक देशों के 400 से ज्यादा गैर-सरकारी संगठनों को एक साझा मंच प्रदान करता है। इस वैश्विक गठबंधन का उद्देश्य ज्ञान-साझाकरण, नीति स्तर पर जवाबदेही तय करना और जमीनी स्तर पर जागरूकता अभियानों के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है। उन्होंने कहा कि भारत के चुनिंदा गैर-सरकारी संगठनों में अर्थ रिवाइटल फाउंडेशन को भी इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए चुना गया है।
अर्चना भांगा के अनुसार, विकासशील देशों में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या अत्यंत चिंताजनक है और इनमें स्कूली बच्चों की भागीदारी विशेष चिंता का विषय बनती जा रही है। ऐसे में बच्चों को कम उम्र से ही सड़क सुरक्षा के नियमों, सुरक्षित पैदल चलने, साइकिल और वाहन उपयोग के दौरान सावधानियों के प्रति सजग करना आवश्यक है, ताकि वे स्वयं सुरक्षित रहें और समाज में भी जागरूकता का संदेश पहुंचा सकें।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को पेंटिंग और वाद-विवाद जैसी रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से सड़क सुरक्षा से जोड़ा गया। एक दिवसीय इस आयोजन में बच्चों का उत्साह देखते ही बनता था और उनकी सोच, कल्पनाशीलता तथा सामाजिक जिम्मेदारी की भावना खुलकर सामने आई। विद्यालय के शिक्षकों ने भी पूरे कार्यक्रम में सक्रिय सहयोग दिया। अर्थ रिवाइटल फाउंडेशन की ओर से विद्यार्थियों को चार्ट पेपर, रंगों के बॉक्स और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई।
भारत में सड़क सुरक्षा को एक सामुदायिक और जन-आंदोलन का रूप देने के उद्देश्य से गुरुग्राम स्थित तकनीकी एवं शोध आधारित गैर-लाभकारी संस्था क्रैशफ्री इंडिया द्वारा “सुरक्षित आवागमन के लिए नागरिक गठबंधन” की परिकल्पना की गई है। इसी व्यापक प्रयास के तहत सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सहयोग से “सेफ्टी इज़ द न्यू स्वैग” अभियान चलाया जा रहा है।
इस अभियान का मूल उद्देश्य जिम्मेदार सड़क व्यवहार को सामाजिक रूप से आकर्षक और स्वीकार्य बनाना है। विशेष रूप से युवाओं और रोजमर्रा के सड़क उपयोगकर्ताओं के बीच सुरक्षित ड्राइविंग, हेलमेट और सीट बेल्ट के प्रयोग तथा यातायात नियमों के पालन को ‘नई शान’ के रूप में स्थापित किया जा रहा है। विभिन्न शहरों में आयोजित जमीनी गतिविधियों, नागरिक सहभागिता और व्यवहार परिवर्तन आधारित कार्यक्रमों के माध्यम से यह साझा पहल वर्ष 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं में 15 प्रतिशत की कमी लाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है।