सोलर प्लांट लगाओ, बिजली बचाओ, पैसा कमाओ

श्रीराजेश

 |  02 Jan 2020 |   225
Culttoday

ग्रीन एनर्जी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार नए साल में नई रूफ टॉप सोलर स्कीम लांच करने जा रही है. केंद्र सरकार के नव पारंपरिक ऊर्जा मंत्रालय की ये योजना राज्य के उन बिजली उपभोक्ताओं के लिए है, जिनके घर की छत खाली है या फिर उनके पास ऐसी जगह है. जहां प्लांट लगाकर सूरज की रोशनी से बिजली पैदा की जा सकती है. घरेलू उपभोक्ताओं के लिए योजना में सब्सिडी का आकर्षक ऑफर है.

सोलर प्लांट से पैदा होने वाली बिजली की जितनी जरूरत होगी, उपभोक्ता उसका अपने लिए इस्तेमाल करेंगे और यदि जरूरत से अधिक बिजली बचेगी तो उसे वे यूपीसीएल को बेच सकेंगे. उत्तराखंड पॉवर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने योजना को अंतिम रूप दे दिया है. केंद्रीय मंत्रालय ने फिलहाल प्रदेश सरकार को दो मेगावाट की योजना दी है. 31 मार्च 2020 तक इतनी क्षमता के सोलर प्लांट स्थापित होने हैं, लेकिन यदि योजना के लिए अधिक मांग होगी. तो केंद्र सरकार योजना का आकार बढ़ा सकती है.

योजना में सब्सिडी की सुविधा केवल घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए ही है. तीन किलोवाट तक 40 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान किया गया है. चार से 10 किलोवाट तक 20 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी. 10 किलोवाट से ऊपर कोई सब्सिडी नहीं मिलेगी. योजना का लाभ कामर्शियल उपभोक्ता भी ले सकते हैं, लेकिन उन्हें सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा. जिन घरेलू उपभोक्ताओं को योजना के तहत प्लांट आवंटित होगा. वे यूपीसीएल द्वारा चयनित वेंडरों में से किसी एक के माध्यम से प्लांट लगवाएगा. सब्सिडी की धनराशि छोड़कर शेष धनराशि का भुगतान वेंडर को सीधे करना होगा. सब्सिडी की धनराशि यूपीसीएल स्वयं वेंडर को जारी करेगा.

योजना का लाभ लेने के लिए यूपीसीएल का उपभोक्ता होना जरूरी है.  योजना के तहत लगाए जाने वाले सोलर प्लांट नेट मीटरिंग से जुड़ेंगे. यह एक तरह का बिलिंग सिस्टम है जो सोलर पैनल से पैदा होने वाली बिजली का मेजरमेंट करता है. साथ ही सोलर प्लांट से ग्रिड में जाने वाली और घर में खपत होने वाली बिजली का भी हिसाब-किताब रखता है. इसके लिए सोलर सिस्टम के साथ एक मीटर लगाया जाएगा. योजना जनवरी माह में शुरू होगी. योजना के लिए यूपीसीएल की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन मांगें जाएंगे. वेबसाइट पर ही ऑनलाइन फार्म भरने और दस्तावेज अपलोड किए जा सकेंगे. आवेदन के बाद संबंधित विद्युत खंड का एसडीओ तकनीकी स्वीकृति देगा और अधिशासी अभियंता अपनी रिपोर्ट देगा, ये दोनों समयबद्ध होंगे.


RECENT NEWS

UPI के बदलते तेवर
कल्ट करंट डेस्क |  25 Aug 2026  |  4
आसमान से आफत भारत में मानसूनी बारिश
कल्ट करेंट डेस्क |  08 Aug 2026  |  50
दिल्ली का स्वास्थ्य क्रय का बदलता ढांचा
कल्ट करेंट डेस्क |  08 Aug 2026  |  42
दिल्ली सड़कों पर गूगल मैप का क्रियान्वयन
कल्ट करेंट डेस्क |  07 Aug 2026  |  42
सस्ता एआई, बड़ा असर
कुमकुम मोहता |  02 Apr 2026  |  175
डिजिटल कुरुक्षेत्र में भारत
संजय श्रीवास्तव |  02 Feb 2026  |  213
आवरणकथा- डूबते मेट्रोपोलिस
श्रीराजेश |  01 Dec 2025  |  385
तकनीक ही बनेगा तारनहार
संजय श्रीवास्तव |  02 Sep 2025  |  327
To contribute an article to CULT CURRENT or enquire about us, please write to cultcurrent@gmail.com . If you want to comment on an article, please post your comment on the relevant story page.
All content © Cult Current, unless otherwise noted or attributed. CULT CURRENT is published by the URJAS MEDIA VENTURE, this is registered under UDHYOG AADHAR-UDYAM-WB-14-0119166 (Govt. of India)