कोरोना महामारी के दौरान देश में हो रहे पहले चुनाव को लेकर यह कहा जा रहा था कि इसका चुनावी प्रचार अधिकतर वर्चुअल ही रहेगा लेकिन अब यह एक्चुअल में दिख रहा है. साथ ही इस विधानसभा चुनाव में एक बात साफ है कि सूबे के प्रमुख राजनीतिक दल परिवारवाद से उबर ही नहीं पाएं हैं. तीन चरणों में बिहार में चुनाव होने हैं. हालात ये हैं कि उम्मीदवारों के टिकट के बटवारे में परिवार को पहले तव्वजों दिया गया है. टिकट वितरण में असमानता तो कहीं बाहुबल-धनबल हावी है तो कहीं परिवारवाद.
वयोवृद्ध नेताओं द्वारा अगली पीढ़ी को स्थापित करने के नाम पर या बाहुबल को छिपाने के नाम पर या फिर जातीय समीकरण के अनुरुप वोट बटोरने के नाम पर इस बार के चुनाव में रिश्तेदारी-नातेदारी काफी महत्वपूर्ण दिख रही है. नेताओं ने इस बार पुत्र-पुत्री, पत्नी, भाई यहां तक कि दामाद व समधी को भी टिकट दिलाने से गुरेज नहीं किया. कहीं-कहीं तो मां-बेटा भी उम्मीदवार हैं. भाजपा को छोड़ लगभग सभी प्रमुख पार्टियों ने भी इसमें दरियादिली दिखाई. जो किसी न किसी कारणवश चुनाव लड़ने के अयोग्य घोषित कर दिए गए थे, उन्होंने अपने रिश्तेदारों को मैदान में उतार दिया.
राष्ट्रीय जनता दल (राजद), कांग्रेस, हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) व लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) ने अच्छी-खासी संख्या में नेताओं के रिश्तेदारों को चुनाव मैदान में उतारा है. अब तक की स्थिति के अनुसार राजद ने सबसे अधिक ऐसे उम्मीदवार खड़े किए हैं. कांग्रेस में भी यह संख्या दो अंकों में है वहीं 115 सीटों पर लड़ने वाली सत्ताधारी जनता दल यू ने भी परिवारवाद के नाम पर कई सीटें न्योछावर की हैं. हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा ने तो दामाद व समधन तक का ख्याल रखा है. परिवारवाद के नाम पर लगभग हर तरह के रिश्ते इस बार मैदान में हैं. किसी जगह पर इनका आपस में ही मुकाबला हो रहा है तो कहीं वे अलग-अलग जगहों पर टिकट लेकर चुनाव मैदान में हैं.
राजद में लालू प्रसाद के दोनों बेटे तेजस्वी यादव व तेजप्रताप यादव इस बार भी चुनाव मैदान में हैं. तेजस्वी वैशाली जिले की राघोपुर सीट से तो तेजप्रताप इस बार अपनी पुरानी सीट महुआ की बजाय समस्तीपुर जिले के हसनपुर से चुनाव लड़ रहे हैं. इसके अलावा पार्टी ने प्रदेश राजद अध्यक्ष जगदानंद सिंह के बेटे सुधाकर सिंह को रामगढ़ (कैमूर), शिवानंद तिवारी के बेटे राहुल को शाहपुर (बक्सर), विजय प्रकाश की बेटी दिव्या प्रकाश को तारापुर (मुंगेर), पूर्व केंद्रीय मंत्री कांति सिंह के बेटे ऋषि यादव को ओबरा, पूर्व मंत्री श्रीनारायण यादव के पुत्र ललन कुमार को साहेबपुर कमाल (बेगूसराय), क्रांति देवी के पुत्र अजय यादव को अतरी (गया), दुष्कर्म कांड में आरोपित अरुण यादव की पत्नी किरण देवी को संदेश (भोजपुर), रेप केस के आरोपित राजबल्लभ यादव की पत्नी विभा यादव को नवादा व विधायक वर्षा रानी के पति बुलो मंडल को बिहपुर (भागलपुर) से अपना उम्मीदवार बनाया है. पार्टी ने तो दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराध के आरोपितों के रिश्तेदारों से परहेज तक नहीं किया.
वहीं जदयू ने पूर्व मंत्री स्व. राजो सिंह के पोते सुदर्शन को बरबीघा (शेखपुरा), जर्नादन मांझी के पुत्र जयंत राज को अमरपुर, बाहुबली विधायक धूमल सिंह की पत्नी सीता देवी को एकमा (सारण), मंत्री स्व. कपिलदेव कामत की बहू मीना कामत को बबूरही (मधुबनी), हरियाणा के राज्यपाल डॉ सत्येंद्र नारायण आर्य के बेटे डॉ. कौशल किशोर को राजगीर (नालंदा), शेर-ए-बिहार के नाम से चर्चित व पूर्व केंद्रीय मंत्री रामलखन सिंह यादव के पोते जयवर्धन यादव को पालीगंज (पटना), पूर्व मंत्री नरेंद्र नारायण यादव के दामाद निखिल मंडल को मधेपुरा, सीपीआइ नेता व पूर्व सांसद स्व. कमला मिश्र मधुकर की बेटी को केसरिया (पूर्वी चंपारण) तथा विधायक कौशल यादव की पत्नी पूर्णिमा यादव को गोविंदपुर से प्रत्याशी घोषित किया है. इसी तरह कांग्रेस ने भी अपने कद्दावर नेता सदानंद सिंह के पुत्र शुभानंद मुकेश को कहलगांव (भागलपुर), पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव की पुत्री सुभाषिणी राज को बिहारीगंज (पूर्णिया), निखिल कुमार के भतीजे राकेश कुमार को लालगंज (वैशाली), फिल्म अभिनेता व पूर्व सांसद शत्रुघ्न सिन्हा के बेटे लव सिन्हा को बांकीपुर (पटना), पूर्व मंत्री आदित्य सिंह की बहू नीतू सिंह को हिसुआ (नवादा) और अब्दुल गफूर के पुत्र आसिफ गफूर को गोपालगंज से टिकट दिया है.
परिवार की पार्टी कही जाने वाली लोजपा ने भी पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. रामविलास पासवान के दामाद मृणाल को राजापाकर (वैशाली) व पूर्व सांसद स्व. रामचंद्र पासवान के बेटे कृष्ण राज को रोसड़ा (समस्तीपुर) से चुनाव मैदान में उतारा है. जबकि खगड़िया के लोजपा सांसद चौ. महबूब अली कैसर के पुत्र चौधरी युसूफ सलाउद्दीन सिमरी बख्तियारपुर (सहरसा) से राजद के उम्मीदवार हैं. हम प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी स्वयं तो इमामगंज (गया) से लड़ ही रहे हैं, अपने दामाद देवेंद्र मांझी को मखदुमपुर (जहानाबाद) तथा अपनी समधन व पूर्व विधायक ज्योति देवी को बाराचट्टी (गया) से उम्मीदवार बनाया है. जदयू के टिकट पर ही ओबरा से सुनील कुमार तो राजद के टिकट पर गोह (औरंगाबाद) से भीम कुमार सिंह मैदान में हैं. भीम पूर्व विधायक स्व. रामनारायण सिंह के पुत्र और सुनील उनके भतीजे हैं. बिहार के कई समाचार पत्रों में एकसाथ विज्ञापन देकर स्वयं को सीएम कैंडिडेट घोषित कर अचानक चर्चा में आने वाली प्लूरल्स पार्टी की प्रमुख पुष्पम प्रिया भी जदयू नेता व विधान पार्षद विनोद चौधरी की पुत्री हैं जिनके उम्मीदवार सभी सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं. पुष्पम प्रिया ने पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट से नामांकन किया है.